CG Liquor Scam: सौम्या चौरसिया ने सुप्रीम कोर्ट में किया ED की गिरफ्तारी को चैलेंज, जमानत के लिए कवासी लखमा ने भी लगाई अर्जी
CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3200 करोड़ के शराब घोटाले को लेकर बड़ी खबर है. इस घोटाले में जेल में बंद आरोपी निलंबित IAS सौम्या चौरसिया ने ED के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख अपनाया है. उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में ED की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका दायर की है. वहीं, इस केस में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा भी जेल में बंद हैं. उन्होंने अपनी जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई है. इन दोनों याचिकाओं पर 28 जनवरी को सुनवाई होगी.
ED की गिरफ्तारी को सौम्या चौरसिया ने किया चैलेंज
पूर्व CM भूपेश बघेल की सचिव रहीं और निलंबित IAS सौम्या चौरसिया को ED ने शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया है. ED के अलावा EOW और ACB ने भी उनकी गिरफ्तारी की है. अब ED की गिरफ्तारी को लेकर सौम्या ने सुप्रीम कोर्ट का रूख अपनाया है. उन्होंने ED की गिरफ्तारी को SC में चैलेंज किया है, जिस पर सुनवाई 28 जनवरी को होगी.
जांच एजेंसियों के मुताबिक सौम्या चौरसिया पर आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव और पद का दुरुपयोग करते हुए शराब सिंडिकेट को संरक्षण दिया था. उन पर यह भी आरोप है कि शराब कारोबार से जुड़े फैसलों में उनकी अहम भूमिका रही और अवैध लेन-देन से जुड़ी रकम तक उनकी पहुंच थी. जांच में यह सामने आया है कि शराब घोटाले से जुड़े कुछ अहम लोगों से उनका सीधा संपर्क था.
कवासी लखमा ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई जमानत अर्जी
वहीं, शराब घोटाला मामले में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख अपनाया है. उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की है. इस पूरे मामले की सुनवाई 28 जनवरी को SC के चीफ जस्टिस की कोर्ट में होगी.
बता दें कि पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार हुए थे. आरोप हैं कि शराब घोटाले में कवासी लखमा को 64 करोड़ रुपए मिले. वर्तमान में रायपुर सेंट्रल में जेल में बंद हैं.

Kerala में सियासी हलचल, बागी सुधाकरण ने Rahul Gandhi संग साझा किया मंच
Mamata Banerjee का बड़ा दावा, 2026 में गिर सकती है मोदी सरकार
Katni में पुलिस का बड़ा कॉम्बिंग ऑपरेशन, वारंटी और बदमाश गिरफ्तार
नई दिल्ली से देहरादून का सफर अब होगा सुपरफास्ट
राघव चड्ढा को लेकर सियासी तूफान, क्या छोड़ेंगे AAP?