मुनाफे का झांसा, जिंदगी की जमा-पूंजी साफ: रिटायर्ड नेवी कर्मी से 24 लाख की साइबर ठगी, पत्नी के गहने तक गिरवी रखवाए
नवगछिया । ऑनलाइन ट्रेडिंग और आईपीओ में मोटे मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने नवगछिया के एक सेवानिवृत्त इंडियन नेवी कर्मी से 24 लाख दो हजार रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पहले छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता और फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश कराने के जाल में फंसा लिया। हालात ऐसे बने कि पीड़ित को रिश्तेदारों से उधार लेना पड़ा और पत्नी के गहने तक गिरवी रखने पड़े।
बिहपुर निवासी रिटायर्ड नेवी कर्मी राकेश कुमार ने नवगछिया साइबर थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में उन्हें जीआईटीएससी नामक एक ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के जरिए शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश का ऑफर दिया गया। शुरुआत में मामूली रकम लगाने पर 30 से 40 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया, जिससे उन्हें यह निवेश सुरक्षित और लाभकारी लगा।
भरोसा बनने के बाद ठगों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर बड़ी राशि निवेश करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़ित के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 के बीच कुल नौ बार में 24.02 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए। पहले चरण में करीब 9.50 लाख रुपये और बाद में बड़े आईपीओ में ज्यादा लाभ का झांसा देकर 14.20 लाख रुपये जमा कराए गए।
राकेश कुमार ने बताया कि ठगों के लगातार दबाव और मुनाफे के लालच में आकर उन्होंने रिश्तेदारों से पैसे उधार लिए। यहां तक कि पत्नी के सोने के गहने भी गिरवी रखकर रकम की व्यवस्था की। इसके बावजूद ठगों की मांग खत्म नहीं हुई।
भुगतान के बाद ठगों ने कथित रूप से 41 लाख रुपये के आईपीओ पेंडिंग होने का हवाला देकर और पैसे की मांग शुरू कर दी। जब पीड़ित ने अपनी जमा राशि वापस मांगी, तो ठगों ने संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया और उन्हें संबंधित ट्रेडिंग ऐप व व्हाट्सएप ग्रुप से भी ब्लॉक कर दिया। पीड़ित ने पहले साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज की थी, जिसके बाद मामला नवगछिया साइबर थाने में स्थानांतरित किया गया।

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