गरीब के चेहरे पर खुशी देना सबसे बड़ी इबादत - मंजूर बेग

इंदौर :अल्लाह कहता है "मैं अपने बंदों पर उतना ही बोझ डालता हूं जितना वो सह सके" और इसी के चलते इस्लाम में हज उमराह ज़कात जैसी इबादत से गरीबों को मुक्त रखा गया है ।लेकिन गरीबी के बावजूद हर मुसलमान की हसरत होती है कि वो खुदा के घर के दीदार कर सके ।
ऐसी ही कुछ हसरत नूरजहां बेगम की भी थी । लेकिन माली हालात इस बात की इजाज़त नहीं दे रहे थे । लेकिन कहते हैं न अल्लाह दिलों के हाल जनता है और लगन सच्ची हो तो अल्लाह खुद असबाब बना देता है । अल्लाह ने सर्वधर्म संस्था को ज़रिया बनाया । 
पिछले 25 सालों से समाज में धार्मिक सौहार्द और भाईचारे के साथ सामाजिक कार्य करने वाली संस्था ने सिर्फ नूरजहां बेगम ही नहीं बल्कि उनके बेटे शेख मोहम्मद को भी अल्लाह के घर का दीदार करने के लिए भेजने का फैसला किया। पासपोर्ट बनाने से लेकर उनके मक्का मदीने तक सफर के सारे इंतज़ाम सेवाधर्म संस्था ने किए हैं ।

सर्वधर्म संस्था के अध्यक्ष मंज़ूर बेग कहते हैं कि :-"

अल्लाह कहता है कि - "करो मेहरबानी तुम अहले ज़मीं पर, खुदा मेहरबां होगा तुम पर अर्शे बरी पर" इसी के चलते हमने नूरजहां बी और उनके बेटे को उमराह पर भेजने का फैसला किया है । बेग कहते हैं अगर हमारी वजह से किसी के चेहरे पर खुशी आती है तो इससे बड़ी कोई इबादत नहीं हो सकती । संस्था सामाजिक सौहार्द के लिए काम करती है और इसमें सभी धर्म के लोग शामिल हैं जल्द ही संस्था गरीब हिंदुओं को भी धार्मिक यात्रा पर भेजने की योजना बना रही है । नूरजहां बी और उनका बेटा शेख मोहम्मद 19 मार्च 2026 को इंदौर से मक्का मदीना उमराह पर रवाना होंगे उसके पूर्व संस्था के मंजूर बैग हाजी इमरान कुरेशी मुकेश बजाज रियाज खान समीर बैग माहिर शाह बाब ने  पुष्प मालाओं से उनका स्वागत किया कहा कि जहां वो देश सहित दुनिया में अमन चैन और शान्ति की विशेष दुआ करेंगे गुजारिश की है ।