नीतीश कुमार के बाद नितिन नवीन का इस्तीफा, सरावगी से भेजा गया लेटर
पटना। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज अपनी विधायकी छोड़ दी है। उन्होंने सोमवार सुबह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को अपना देने के लिए विधानसभा भेजा। संजय सरावगी ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को नितिन नवीन का इस्तीफा सौंप दिया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रविवार को ही नितिन नवीन ने बांकीपुर विधानसभा की सदस्य के तौर पर अपना इस्तीफा मुझे दिया था। आज मैंने विधानसभा जाकर इसे अध्यक्ष प्रेम कुमार को सौंप दिया। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संजय सरावगी के माध्यम से बांकीपुर विधानसभा के सदस्य नितिन नवीन का इस्तीफा मिला है। हमने इसे स्वीकार कर आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है। बिहार की राजनीति दोनों नेताओं का काफी योगदान रहा। आगे भी दोनों बिहार और देश के लिए काम करते रहे हैं। दोनों नेताओं के साथ काफी लंबे समय तक काम करने का अवसर मिला। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत दोनों ने अपना इस्तीफा दे दिया है। अब वह दिल्ली जाकर राज्यसभा की सदस्यता का शपथ ग्रहण करेंगे। बांकीपुर विधानसभा सीट से पांच बार के विधायक रहे नितिन नवीन अब पूरी तरह से क्रेंद्र की राजनीति पर फोकस कर पाएंगे।
इस्तीफा देने की बात कर नितिन नवीन ने और क्या कहा?
भाजप के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर इस्तीफा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज मैं बिहार विधानसभा के बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित सदस्य पद से इस्तीफा दे रहा हूं। पार्टी ने मुझे जो नई भूमिका दी है, उसके माध्यम से भी मैं अपने क्षेत्र और बिहार के विकास के लिए सदैव तत्पर एवं संकल्पित रहूँगा। मेरे कार्यकर्ताओं और बिहार की जनता के साथ मेरा जो अटूट संबंध है, वह सदैव बना रहेगा और मुझे हमेशा नई ऊर्जा, प्रेरणा और मार्गदर्शन देता रहेगा। पीएम नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 2047 के विकसित भारत एवं विकसित बिहार बनाने के सपने को साकार करने की दिशा में मैं निरंतर प्रयासरत रहूंगा।
जल्द हो सकता है उपचुनाव का घोषणा
इधर, नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई बांकीपुर विधानसभा सीट पर जल्द ही उपचुनाव की घोषणा हो सकती है। हालांकि, यह उपचुनाव कब होगा? इसके बारे में चुनाव आयोग की ओर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। एक बार साफ जरूर है कि उपचुनाव में भाजपा ही अपना प्रत्याशी उतारेगी। चूंकि पिछले कई वर्षों बांकीपुर सीट पर भाजपा के पास ही है।
जानिए कौन हैं नितिन नवीन
नितिन नवीन भाजपा के बड़े नेताओं से एक और जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत करने वाले दिवंगत नवीन सिन्हा के बेटे हैं। 23 मई 1980 पटना में नितिन नवीन का जन्म हुआ है। उनकी 12वीं तक की पढ़ाई दिल्ली में हुई। 2005 में पटना पश्चिम सीट से विधायक रहे 55 साल के नवीन सिन्हा का निधन दिल्ली में हो गया था। उस वक्त नितिन महज 26 साल के थे। भाजपा ने नितिन नवीन को अपने पिता की विरासत संभालेंगे के लिए कहा। लेकिन, शुरू में नितिन नहीं मानें। उनकी मां मीरा सिन्हा ने उन्हें समझाया तो वह मान गए। नितिन चुनावी मैदान में पटना पश्चिम उतरे। उपचुनाव में वह पहली बार जीते। इसके बाद से जो जीत का सिलसिला शुरू हुआ, वह 2025 के विधानसभा चुनाव तक जारी रहा।
संगठन में भी कई बड़ी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं
नितिन नवीन का कद संगठन में भी बड़ा है। इस बात का सबूत उन्हें अलग-अलग समय पर मिलने वाली जिम्मेदारी है। 2008 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा, का राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सह प्रभारी बनाया गया। 2010 से 2013 के बीच नितिन भाजयुमो राष्ट्रीय महामंत्री बने। 2013 में वह IVLP कार्यक्रम के अंतर्गत 15 दिनों की अमेरिकी यात्रा पर गए। इसके बाद 2016-2019 में वह भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष बने। 2019 में ही उन्हें भाजपा ने सिक्किम राज्य का लोकसभा और विधानसभ चुनाव प्रभारी बना दिया। इसके बाद 2021 से 2024 के बीच नितिन छत्तीसगढ़ में सह-प्रभारी रहे। 2024 में छत्तीसगढ़ के लोकसभा चुनाव प्रभारी बने। जुलाई 2024 से अब तक वह छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी के रूप में संगठन के दायित्व को देख रहे हैं। 2023 में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव हुआ था। उस वक्त वहां कांग्रेस अच्छी स्थिति में थी। किसी ने नहीं सोचा था कि भाजपा चुनाव जीतेगी। लेकिन, चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की। उस वक्त भी नितिन नवीन छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी थे। जीत के बाद उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी। भाजपा के दिग्गजों ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने में नितिन ने अहम भूमिका निभाई।

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