पहली बार पार्षद बनीं और अब मेयर, विनयपाल कौर ने रचा नया राजनीतिक इतिहास
मोगा। नगर निगम चुनाव के बाद जारी राजनीतिक गहमागहमी के बीच पार्षद विनयपाल कौर मोगा की नई मेयर चुन ली गई हैं। गौरतलब है कि पंजाब सरकार द्वारा इस बार मोगा के प्रथम नागरिक यानी मेयर के पद को पिछड़ा वर्ग (बीसी) श्रेणी के लिए आरक्षित घोषित किया गया था, जिसके बाद सत्तापक्ष की ओर से विनयपाल कौर के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। इस महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने और पार्टी पार्षदों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद विशेष तौर पर मोगा पहुंचे थे। यह पूरा चुनाव मोगा की स्थानीय विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों की सीधी देखरेख में बेहद शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हुआ।
नगर निगम सदन में आम आदमी पार्टी का पूर्ण बहुमत
मोगा नगर निगम के सांगठनिक ढांचे पर नजर डालें तो कुल 50 वार्डों में से 30 वार्डों पर आम आदमी पार्टी (आप) ने शानदार जीत दर्ज कर सदन में अपना स्पष्ट बहुमत साबित किया था। बहुमत का आंकड़ा पास होने के कारण पार्टी को अपना मेयर चुनने में कोई बड़ी प्रशासनिक या राजनीतिक कठिनाई नहीं हुई। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक ने नवविर्वाचित मेयर को मिठाई खिलाकर बधाई दी और शहर के विकास कार्यों को बिना किसी भेदभाव के तेजी से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
उच्च शिक्षित हैं मोगा की नई मेयर विनयपाल कौर
पार्षद से मेयर के पद तक पहुंचने वाली 44 वर्षीय विनयपाल कौर बेहद उच्च शिक्षित और सुलझी हुई महिला हैं। उन्होंने शिमला यूनिवर्सिटी से बीएससी (मेडिकल) की डिग्री हासिल करने के साथ-साथ कंप्यूटर एप्लीकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (पीजीडीसीए) भी किया है। व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो विनयपाल कौर दो बच्चों की मां हैं और वे अपनी उच्च शिक्षा तथा प्रशासनिक समझ का लाभ मोगा शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में पूरी शिद्दत के साथ लगाना चाहती हैं।
बिना किसी सियासी पृष्ठभूमि के दर्ज की ऐतिहासिक जीत
विनयपाल कौर की इस सफलता की सबसे खास बात यह है कि उनके परिवार का दूर-दूर तक राजनीति से कोई पुराना वास्ता नहीं रहा है। उन्होंने पहली बार सक्रिय राजनीति में कदम रखते हुए आम आदमी पार्टी के अधिकृत टिकट पर शहर के वार्ड नंबर 8 से अपना भाग्य आजमाया था। क्षेत्र की जनता ने उनके सेवा भाव और योग्यता पर पूरा भरोसा जताते हुए उन्हें अपना पार्षद चुना था, जहां उन्होंने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी को 228 मतों के बड़े अंतर से पटखनी दी थी। अब मेयर बनने के बाद उनके समर्थकों और वार्ड वासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

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