सात साल से पुलिस को चकमा दे रहा गैंगस्टर मोहम्मद तस्लीम आखिरकार दबोचा गया
अहमदाबाद। गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सात साल पहले पैरोल मिलने के बाद चकमा देकर फरार हुए कुख्यात गैंगस्टर मोहम्मद तस्लीम उर्फ मोहम्मद उमर शेख को पुलिस ने आखिरकार दबोच लिया है। अंडरवर्ल्ड डॉन अब्दुल लतीफ गैंग के इस गुर्गे को पकड़ने के लिए पुलिस लंबे समय से जाल बिछा रही थी।
फरार गैंगस्टर राजस्थान से गिरफ्तार
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के मुताबिक, मोहम्मद तस्लीम साल 2019 में जेल से पैरोल पर बाहर आया था, जिसके बाद वह फरार हो गया। पिछले सात सालों से वह देश के अलग-अलग राज्यों में अपनी पहचान और ठिकाने बदल-बदलकर कानून की नजरों से छिप रहा था। रविवार को पुलिस ने बताया कि एक पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने राजस्थान में उसके गुप्त ठिकाने का पता लगाया और एक विशेष ऑपरेशन चलाकर उसे धर दबोचा।
अब्दुल लतीफ गैंग और संगीन जुर्म
पकड़ा गया अपराधी मोहम्मद तस्लीम मामूली अपराधी नहीं है, बल्कि वह 90 के दशक में गुजरात को दहलाने वाले अब्दुल लतीफ गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है। उसे साल 1992 में हुए चर्चित राधिका जिमखाना सामूहिक हत्याकांड और पूर्व राज्यसभा सदस्य रऊफ वलीउल्लाह की सनसनीखेज हत्या के मामले में दोषी पाते हुए अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
जेल भेजने की कानूनी कार्रवाई शुरू
इतने लंबे समय तक पुलिस को छकाने वाले इस मोस्ट वांटेड अपराधी की गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच ने राहत की सांस ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तस्लीम को दोबारा साबरमती सेंट्रल जेल भेजने की कानूनी औपचारिकताएं और प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं, ताकि उसे उसके किए की सजा भुगतने के लिए वापस सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत