दो महीने पहले हुए खूनी विवाद में घायल शेखर ने तोड़ा दम, अस्पताल में मचा बवाल
रोहतक: सदर थाना के तहत आने वाले बडौली गांव में करीब दो माह पूर्व हुए पारिवारिक विवाद के दौरान गंभीर रूप से जख्मी हुए युवक शेखर की इलाज के दौरान मौत हो गई। वारदात के बाद से ही उसका इलाज पीजीआई रोहतक में चल रहा था, जहाँ उसने दम तोड़ दिया। जैसे ही युवक की मौत की सूचना उसके परिवार तक पहुँची, परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल और इलाके में जमकर हंगामा किया।
सगे ताऊ के परिवार के साथ हुआ था जानलेवा विवाद
घटनाक्रम के अनुसार, बीते अप्रैल महीने में बडौली गांव में शेखर का अपने सगे ताऊ के परिवार के साथ किसी घरेलू बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। देखते ही देखते इस कहासुनी ने एक भयानक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से लाठी-डंडों और तेजधार हथियारों का खुलकर इस्तेमाल किया गया। इस हिंसक झड़प में शेखर को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में जानलेवा चोटें आई थीं। उसे तुरंत गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक रेफर किया गया था, जहाँ पिछले 60 दिनों से वह वेंटिलेटर और डॉक्टरों की निगरानी में था।
जांच में ढिलाई और आरोपियों को शह देने के आरोप
शेखर की मौत की खबर के बाद से बडौली गांव और मृतक के कुनबे में गहरा आक्रोश व्याप्त है। रोते-बिलखते परिजनों ने आरोप लगाया कि वारदात के दिन से ही पुलिस इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी। उनका कहना है कि मुख्य आरोपियों की समय पर गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों और परिजनों के बढ़ते गुस्से व विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावित जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है।

टैंक में जहरीली गैस से मची त्रासदी, ग्रेटर नोएडा में दो लोगों की मौत
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद