धर्म परिवर्तन के आरोपों पर रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ग्रामीण इलाके खरोरा में कथित तौर पर अवैध रूप से मत परिवर्तन (धर्मांतरण) कराने के लिए ग्रामीणों पर अनुचित दबाव बनाने और बहुसंख्यक समाज की आस्था को ठेस पहुंचाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संवेदनशील प्रकरण में तत्परता दिखाते हुए खरोरा थाना पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ नवप्रवर्तित कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की कड़े प्रावधानों वाली धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गांव के युवक की शिकायत पर हरकत में आई पुलिस
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब खरोरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मांठ के रहने वाले हेमंत सिंह मरावी ने थाने पहुंचकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सुशांत ज्ञानिक और उसका साथी पीयूष पटेल पिछले कुछ समय से लगातार उनके गांव के आदिवासी बाहुल्य मोहल्ले में आ रहे थे। वहां पहुंचकर दोनों कथित तौर पर सनातन हिंदू धर्म और पारंपरिक देवी-देवताओं के संबंध में बेहद भड़काऊ, अमर्यादित और आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे थे। आवेदन में यह भी संगीन आरोप लगाया गया है कि दोनों आरोपी भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन देकर और मानसिक दबाव बनाकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए विवश कर रहे थे।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) और धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
हेमंत सिंह की शिकायत और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर खरोरा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 302/2026 पंजीबद्ध किया। पुलिस ने आरोपियों के कृत्य को सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 302, 3(5) और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 की धारा 4 के तहत केस दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया।
बयान दर्ज करने के बाद आरोपियों की हुई गिरफ्तारी, कोर्ट में पेश करने की तैयारी
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस की एक विशेष टीम ने ग्राम मांठ का दौरा किया। विवेचना दल ने शिकायतकर्ता हेमंत सिंह मरावी सहित उन तमाम ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान कलमबद्ध किए, जिनकी मौजूदगी में कथित तौर पर यह पूरा घटनाक्रम हुआ था। गवाहों के बयानों और शुरुआती तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों, सुशांत ज्ञानिक और पीयूष पटेल को उनके ठिकानों से धर दबोचा। पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ जरूरी कागजी और डॉक्टरी कार्रवाई पूरी कर उन्हें सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया में जुटी है। स्थानीय पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की सघन जांच अभी जारी है और पूछताछ में यदि कुछ अन्य नाम या तथ्य सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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