सरकार की बड़ी योजना, 50 हजार छात्राओं को मुफ्त स्कूटी के साथ मिलेगी अतिरिक्त सुविधाएं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को राजधानी स्थित उनके सरकारी आवास (5, कालिदास मार्ग) पर राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कुल 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगाई गई। बैठक के दौरान राज्य में आधारभूत ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के व्यापक विस्तार, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और उच्च शिक्षा के स्तर को उन्नत करने से जुड़े कई बड़े और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।
छात्राओं के लिए 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' को मिली हरी झंडी
मंत्रिमंडल की बैठक में छात्राओं को उच्च शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी प्रदान की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट निर्धारित किया है। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बैठक के बाद जानकारी दी कि उच्च शिक्षा विभाग के कुल तीन प्रमुख प्रस्तावों को पास किया गया है, जिनमें रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना, विभिन्न विश्वविद्यालयों में शोध पीठ (रिसर्च चेयर) की स्थापना और महिला छात्रावासों का निर्माण कार्य शामिल है।
लगभग 50 हजार मेधावी छात्राओं को मिलेगा स्कूटी का लाभ
प्रदेश की महिलाओं और छात्राओं के सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इस योजना के तहत राज्य के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की स्नातक अंतिम वर्ष की टॉप-5 मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी प्रदान की जाएगी। इस योजना से प्रदेश भर की करीब 50 हजार छात्राओं को सीधा लाभ पहुंचेगा। खास बात यह है कि सरकार छात्राओं को केवल स्कूटी ही नहीं देगी, बल्कि उसके साथ वाहन का पंजीकरण शुल्क, बीमा, आईएसआई (ISI) प्रमाणित गुणवत्ता वाला हेलमेट, जरूरी एक्सेसरीज़ और उसमें उपयोग के लिए पांच लीटर पेट्रोल भी मुफ्त उपलब्ध कराएगी। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन स्कूटियों की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से ही की जाएगी।
योजना का लाभ पाने के लिए पात्रता और शर्तें
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शैक्षणिक योग्यता: इस योजना का लाभ उठाने के लिए छात्राओं का संबंधित कॉलेज से स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
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पारिवारिक आय सीमा: लाभ प्राप्त करने के लिए छात्राओं के अभिभावकों की कुल वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
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विशेष प्राथमिकता: दिव्यांग, सेना या पुलिस के शहीद जवानों के परिवारों तथा निराश्रित परिवारों से ताल्लुक रखने वाली छात्राओं को इस योजना में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इन विशेष वर्गों की छात्राओं के लिए आय की कोई बाध्यता नहीं होगी और केवल स्नातक उत्तीर्ण होना ही उनकी पात्रता के लिए पर्याप्त माना जाएगा।
विधानसभा का आगामी सत्र 3 से 6 अगस्त तक होगा आयोजित
कैबिनेट की इस बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के तहत नई शोध पीठों की स्थापना और आधुनिक महिला छात्रावासों के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई। सरकार का मानना है कि इन दूरगामी निर्णयों से राज्य की बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में बेहतर और सुगम अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही, बैठक में यह भी तय किया गया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का आगामी सत्र आगामी 3 अगस्त से 6 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा।

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