जापान के वैज्ञानिकों ने की क्रांतिकारी दवा की खोज, चूहों पर किया परीक्षण
नई दिल्ली। जापान के वैज्ञानिकों ने एक क्रांतिकारी दवा की खोज की है, जो शरीर की इंटरनल क्लॉक को तेजी से आगे खिसकाने में मदद करती है। इस दवा की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह अनिद्रा और थकान से राहत दिलाने में बहुत असरदार साबित हो रही है। इस दवा का नाम मिक 628 रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वैज्ञानिकों ने इस दवा का परीक्षण चूहों पर किया, जिसके नतीजे चौंकाने वाले आए। शोध के दौरान चूहों के लिए दिन और रात के समय को 6 घंटे आगे बढ़ाकर जेट लैग जैसी स्थिति पैदा की गई। जिन चूहों को मिक 628 दवा दी गई, वे सामान्य चूहों की तुलना में 3 दिन पहले ही नए समय के मुताबिक ढल गए। इस प्रयोग से यह साफ हो गया कि यह दवा जेट लैग से उबरने के समय को करीब आधा कर देती है। यह अहम शोध अमेरिका की पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक वैज्ञानिकों ने सबसे पहले शरीर की अंदरूनी घड़ी को नियंत्रित करने वाले एक खास जीन की पहचान की। मिक 628 दवा इसी जीन को सक्रिय करती है, जिससे शरीर का चक्र तेजी से बदल जाता है। इस दवा की एक और खास बात यह है कि इसे लेने के समय का इसके असर पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, जो इसे अन्य दवाओं से अलग बनाता है। आंकड़ों के मुताबक साल 2024-25 में करीब 3.17 करोड़ भारतीयों ने लंबी हवाई यात्राएं कीं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को अक्सर समय के अंतर के कारण नींद न आने और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर यह दवा बाजार में आती है, तो करोड़ों यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक चूहों पर मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब वैज्ञानिक इस दवा को इंसानों पर इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहे हैं। आने वाले समय में इसके सुरक्षा मानकों और प्रभाव का गहराई से अध्ययन किया जाएगा। अगर इंसानों पर होने वाले परीक्षण सकारात्मक हुए तो यह दवा न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी एक बड़ी राहत लेकर आएगी।

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