शीतलहर में बढ़ रहे हार्ट अटैक के खतरे
नई दिल्ली । लाजपत नगर के रहने वाले हरि सिंह के 31 वर्षीय पुत्र रमेश चौधरी को सुबह को सांस लेने में परेशानी होने पर जिला एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएमएस डॉक्टर मनोज कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि इमरजेंसी में रमेश को मृत अवस्था में लाया गया था। उनका दावा है कि युवक को हार्ट अटैक आया है। शीत लहर के चलते बुजुर्गों के साथ युवाओं को भी हार्ट अटैक हो रहे हैं। सांस के मरीजों को भी हार्ट अटैक का खतरा तेजी बढ़ा है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता बरतना बहुत जरूरी है। पिछले 20 दिन से टीबी के गंभीर रोगियों (एमडीआर)को दवाएं नहीं मिल रही हैं। शुक्रवार को सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने आगरा में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात करने के बाद विशेष वाहन भेजा है। शनिवार तक दवाएं आने की पूरी उम्मीद हैं। जिले में वर्तमान में 20 हजार से अधिक टीबी रोगियों का इलाज चल रहा है। इनमें पांच सौ से अधिक गंभीर रोगी शामिल हैं। टीबी अस्पताल में कई मरीज भर्ती भी हैं। शीत लहर के चलते सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी में बुखार, खांसी,जुकाम, सांस और सीने में दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी हैं। तीन बड़े सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में कुल 2,200 मरीज पहुंचे। जिला एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में 1138 के सापेक्ष 301, संयुक्त अस्पताल में 635 के सापेक्ष 142 और जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में 427 मरीजों के सापेक्ष 80 बुखार के मरीज पहुंचे। जिला एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डा. मनोज कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि ओपीडी में पहुंचे 185 बीमार बच्चों में से 14 को भर्ती किया गया है। 138 मरीजों का चेस्ट एक्स-रे कराया गया और 70 मरीज भर्ती हैं।

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