शेयर बाजार में डूबे सपने, परिवार ने नदी में छलांग लगाकर की खुदकुशी
भावनगर का रहने वाला परिवार हाल ही में सूरत में आकर बसे थे। लेकिन उनकी कोई नियमित आय नहीं थी और वह विभिन्न फैक्ट्रियों में श्रमिक के रूप में और बतौर हीरा कर्मचारी के तौर पर काम करते थे। स्टॉक मार्केट में भारी रकम गंवाने के बाद वह लोग अपना पर्सनल लोन चुकाने में असमर्थ रहे। दंपति और उनके 12 साल के बेटे विराज ने नदी में छलांग लगा दी।
गुजरात के सूरत जिले में एक दंपती और उनके नाबालिग बेटे ने शेयर बाजार में अपनी जमा-पूंजी गंवाने के बाद तापी नदी में कूदकर अपनी जान दे दी है। कामरेज पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर एडी चावड़ा ने गुरुवार की रात की घटना का ब्योरा दिया।
उन्होंने बताया कि स्टॉक मार्केट में भारी रकम गंवाने के बाद वह लोग अपना पर्सनल लोन चुकाने में असमर्थ रहे। पीड़ित दंपती विपुल प्रजापति और उनकी पत्नी सरिता और 12 साल के बेटे विराज ने नदी में छलांग लगा दी। महिला के मानसिक रोग का उपचार होने की बात बताई जा रही है।
फैक्ट्रियों में काम करता था परिवार
चावड़ा ने बताया कि प्रजापति भावनगर के रहने वाले थे जो हाल ही में सूरत में आकर बसे थे। लेकिन उनकी कोई नियमित आय नहीं थी और वह विभिन्न फैक्ट्रियों में श्रमिक के रूप में और बतौर हीरा कर्मचारी के तौर पर काम करते थे।
पुलिस के अनुसार गुरुवार की रात सूरत शहर के चौक बाजार के लिए परिवार घर से बाहर निकला और फिर गल्तेश्वर मंदिर के पास स्थित पुल से तापी नदी में छलांग लगा दी। आधार कार्ड के आधार पर इन शवों की पहचान की गई है।
सीख क्या है इस दर्दनाक घटना से?
"शेयर बाजार निवेश का ज़रिया है, जुआ नहीं… पूरी ज़िंदगी का दांव न लगाएं।"
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वित्तीय फैसले सोच-समझकर करें।
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लोन लेते समय रिपेमेंट कैपेसिटी का आकलन ज़रूर करें।
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इमोशनल सपोर्ट और काउंसलिंग भी उतनी ही ज़रूरी है, जितनी आर्थिक मदद

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