नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति और अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर शक जता रहे हैं कि यह आखिरी चुनाव हो सकता है। जिस तरह मणिपुर और बंगाल में हिंसा हुई, दूसरे राज्यों में यही हालात बन रहे हैं। भाजपा अगर सत्ता में फिर से आ गई तो दोबारा चुनाव होने पर शक है। मतदाता अगर इस चुनाव में सही फैसला नहीं ले सके तो दूसरा मौका नहीं मिलेगा। जो मणिपुर में हो रहा है, वह आपका भी दरवाजा खटखटा सकता है। आर्थिक बदहाली बढ़ती जा

अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर को शक

रही है। अभी तो लोग दूसरी बातों में उलझे हैं, लेकिन समझेंगे, तब तक देर हो जाएगी। भारतीय अर्थव्यवस्था की जो तस्वीर सरकार दिखा रही है, उस पर शक है। कई सरकारी आंकड़ों पर भरोसा नहीं है। दाल, शकर, तेल जैसी चीजें महंगाई का रिकार्ड तोड़ रही हैं। अब भी खुद को कामयाब मान रहे हैं तो यह हमारी चूक है। अगर हम ब्रिटेन, अमेरिका जैसे देशों से आगे निकल गए हैं तो फिर 2047 तक विकसित भारत का वादा क्यों किया जा रहा है। क्या हम अभी विकसित नहीं हैं।